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Wednesday, August 5, 2015

आठ महत्वपूर्ण तंत्र

प्राणायाम से शरीर के आठ महत्वपूर्ण तंत्र सही रुप से कार्य करते हैं। इन सभी तंत्रों का सम्बन्ध शरीर के आठ चक्रों से होता है।
1.            त्मचतवकनबजपअम ैलेजमउ (प्रजनन/उत्पादन तंत्र)
यह मूलाधार चक्र से सम्बन्ध रखता है।  ;थ्ैभ्ए स्भ्ए च्स्ए ैचमतउ ब्वनतजद्ध महिलाओं में माहवारी की अनियमितता, ओवरी की सिस्ट, फ्लोपियन ट्यूब खुलना, बांझपन दूर होकर बच्चे होना, आदमी के अन्दर पुरुषत्व की वृद्धि होना।
2.            म्गबतमजंतल ैलेजमउ ;उत्सर्जन तंत्र द्ध
यह स्वाधिष्ठान चक्र से सम्बन्ध रखता है जो शरीर के मलों को ठीक प्रकार से बाहर निकालने का कार्य करता है।
;ठसववक न्तमंए ैण् ब्तमंजपअमए न्तपब ।बपकद्ध
3.            क्पहमेजपअम ैलेजमउ ;पाचन तंत्रद्ध
यह मणिपुर चक्र से सम्बन्ध रखता है।
;ैण् ठमसए ैळच्ज्ए प्देनसपदए ठवकल डंेे प्दकमगद्ध
कब्ज, खट्टी डकार, संग्रहणी, आंत, पित्त सभी में लाभ।
4.            ठसववक ब्पतबनसंजवतल ;रक्त परिसंचरण तंत्र द्ध
यह हृदय चक्र से सम्बन्ध रखता है। इससे शरीर की 72 करोड़ नाड़ियों का शोधन होकर उनमें रक्त संचार ठीक रहता है।
;ैण् ब्ीवसमेजतवसए स्क्स्ए भ्क्स्ए टस्क्स्ए भ्ण्ठण् म्ब्ळद्ध
5.            डनेबनसव ैामसमजंस ैलेजमउ ;अस्थि मांसपेषी तंत्र द्ध
यह आज्ञा चक्र से सम्बन्ध रखता है।
;ब्ंसबपनउए ठवदम क्मदेपजलए त्।.थ्ंबजवतए ब्च्ज्ञद्ध

6.  त्मेचपतंजवतल ैलेजमउ;श्वसन यंत्रद्ध
यह विषुद्धि( चक्र से सम्बन्ध रखता है जो श्वसन यंत्र को मजबूत बनाता है। (च्थ्ज्ए थ्म्टए ज्पकंस  टवसनउमद्ध
7ण्  ;छमतअवने ैलजमउए ैमदबम व्तहंदे ;नाड़ी तंत्रद्ध
यह आज्ञा चक्र से सम्बन्ध रखता है।
8ण् ज्ममजीए ज्वदहनमए म्लमए ैापद - म्ंतद्ध
डिप्रेषन, मिर्गाी, सिरदर्द, बालों का झड़ना, सफेद होना, आँखों के नीचे कालापन आदि सभी में लाभ होता है।
9ण्  म्दकबतपदम ैलेजमउ ;अंतःस्त्रावी यंत्रद्ध

यह सह़स्त्राधार चक्र से सम्बन्ध रखता है। पैनक्रियाज, डायबिटीज, थायरायड़ कैंसर, एड्स रोगों में अभूतपूर्व लाभ। पाचन के रस, इन्सिुलिन, हारमोन्स आदि सभी प्रोपर निकलते हैं।